सोमवार और मंगलवार को ये उपाय करने से होंगे सभी दुख दूर
Updated : 2017-09-25 15:06:50

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मानों तो सभी दिन शुभ हैं और ना मानों तो कोई भी नहीं लेकिन विभिन्न धर्म ग्रंथों के अनुसार कुछ खास दिनों में विशेष उपचार आपके दिनों को बदल सकता है। आपकी किस्मत संवार सकता है। मसलन सोमवार और मंगलवार को ये खास उपाय करने से लक्ष्मी हमेशा आशीर्वाद बनाए रखती है और कुबेर उस जातक का घर छोडकर कभी नहीं जाते-

सोमवार- इस विशेष दिन हर काम में सफलता प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं। अगर यह संभव न हो तो कार्य के लिए घर से निकलने के पहले दूध या पानी पी लें। साथ ही ऊँ श्रां श्रीं श्रौं स: सोमाय नम: मंत्र बोल कर प्रस्थान करें। सफेद रूमाल साथ रखें।

मंगलवार- इस दिन हनुमानजी के मंदिर जाना ना भूलें। साथ ही हनुमानजी को बना हुआ पान और लाल फूल चढ़ाएं। घर से निकलने से पहले शहद का सेवन करें और ऊँ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: मंत्र बोल कर प्रस्थान करें। लाल वस्त्र पहनें या लाल कपड़ा साथ रखें।

बुधवार- गणेशजी को दूर्वा अर्पित करें। गणपतिजी को गुड़-धनिया का भोग लगाएं। घर से सौंफ खा कर निकलें। ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम: मंत्र का जप करें। हरे रंग के वस्त्र पहनें या हरा रूमाल साथ रखें। 

गुरुवार- भगवान विष्णु के मंदिर जाएं। श्रीहरि को पीले फू ल अर्पित करें। साथ ही ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरुवे नम: मंत्र का जप करें। पीले रंग की कोई मिठाई खाकर घर से निकलें। पीले वस्त्र पहनें या पिला रूमाल साथ रखें। 

शुक्रवार- सफलता के लिए लक्ष्मीजी को लाल फूल अर्पित करें। ऊँ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: मंत्र का जप करें। घर से निकलने से पहले दही का सेवन करें। सफेद रंग की ड्रेस पहनें या सफेद रूमाल साथ रखें।

शनिवार- हनुमान मंदिर जाएं। हनुमानजी को बना हुआ पान और लाल फूल चढ़ाएं। ऊँ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: मंत्र जप कर घर से निकलें। तिल का सेवन करें। नीले वस्त्र पहनें या नीला रूमाल साथ रखकर प्रस्थान करें। 

रविवार- रविवार को सूर्य देव को जल चढ़ाएं फिर लाल फूल चढ़ाएं। आज ऊँ ह्रां ह्रीं ह्रौ स: सूर्याय नम: मंत्र जप करें। गुड़ का सेवन करें। लाल रंग की ड्रेस पहनें या लाल रूमाल रखें। 



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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अमावस्या माह की 30 वीं और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है उस दिन आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता, रात्रि में सर्वत्र गहन अन्धकार छाया रहता है । इस दिन का ज्योतिष एवं तंत्र शास्त्र में अत्यधिक महत्व हैं। तंत्र शास्त्र के अनुसार अमावस्या के दिन किये गए उपाय बहुत ही प्रभावशाली होते है और इसका फल भी अति शीघ्र प्राप्त होता है। पितृ दोष हो या किसी भी ग्रह की अशु... Read more
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इस वर्ष 18 नवम्बर को शनैश्चरी अमावस्या है। जिस अमावस्या को शनिवार पड़ता है, उसे शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस बार की शनैश्चरी अमावस्या इस मायने में ख़ास है कि इस तिथि को प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक अमृत योग रहेगा। माना जाता है कि अमृत योग में शनि देव की विधि पूर्वक उपासना से सुख- समृद्धि, संपत्ति, शांति, संतान और आरोग्य सुख की प्राप्ति होती है, साथ ही बिगड़े हुए कार्य भी बनने लगते हैं... Read more
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शास्त्रों के अनुसार पीपल के वृक्ष को चमत्कारी माना गया है और इसमें कई देवी-देवताओं का वास है। इसी वजह से इस पेड़ के आसपास की गई पूजा या उपाय बहुत जल्दी असर दिखाते हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से पीपल के छोटे-छोटे सामान्य उपाय भी करेगा तो वह कुछ ही समय में अपनी किस्मत बदल सकता है। जो लोग पैसों की कमी से परेशान हैं उनके लिए यहां कुछ खास उपाय बताए जा रहे हैं...  शनिवार के दिन पीपल का एक ... Read more
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जीवन में अचानक कुछ ऐसे संकेत मिलने लगते हैं कि हम समझ नहीं सकते है। यह कुदरत का नियम है कि जो भी शुभ या अशुभ होना है, उसकी पूर्व सूचना मनुष्य को ऐसे ही संकेतों से मिलती है। हमारे ऋषि मुनि चिन्तक और आत्म दर्शी थे और वह मानव जीवन की, प्रकृति परिवर्तन की, पशु-पक्षियों के व्यवहार, बोली अथवा बार बार होने वाली घटनाओं का अत्यंत सूक्ष्म दृष्टि से विश्लेषण किया करते थे। वृहत संहिता में एक सम्पू... Read more
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वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में नकारात्मक ऊर्जा कई तरह से आ सकती है। कहा जाता है कि हर मनुष्य की अपनी एनर्जी होती है, जो हमारे द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं को भी प्रभावित करती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसी कुछ चीजें होती हैं दूसरों की जो हमें उपयोग में नहीं लेनी चाहिए। इन चीजों के उपयोग से आपको दुर्भाग्य और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड सकता है।  जो जानकारी हम इस आलेख के ज... Read more
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प्रकृति कई बार धनप्राप्ति के संकेत देती है लेकिन हम उनको प्रहचान नहीं पाते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं।  1- अगर आपके शरीर के दाहिने भाग में या सीधे हाथ में लगातार खुजली हो, तो समझ लेना चाहिए कि आपको धन लाभ होने वाला है। 2- लेन-देन के समय यदि पैसा आपके हाथ से छूट जाए, तो समझना चाहिए कि धन लाभ होने वाला है। 3-यदि कोई सपने में देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसमें वह निर्दोष छूट ग... Read more
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बहुत कम लोगों को पता होगा कि सोने को धारण करने के ज्योतिषीय लाभ भी कम नहीं है। आइए जानें सोने के फायदे-  कई बरसों के बाद भी यदि संतान नहीं हो रही है तो उसे अनामिका ऊंगली में सोने की अंगूठी पहनने से लाभ होता है।  एकाग्रता बढ़ाने के लिए तर्जनी यानि इंडैक्स फिंगर में सोने की अंगूठी पहनने से आपको फायदा होगा। घर में सोना रखना है तो उसे ईशान या नैऋत्यज कोण में ही रखें और ध्याीन रहे इसे हमे... Read more
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वास्तु के अनुसार अगर भवन, घर का निर्माण करना हो यदि वहां पर बछड़े वाली गाय को लाकर बांधा जाए तो वहां संभावित वास्तु दोषों का स्वत: निवारण हो जाता है। वह कार्य निर्विघ्न पूरा होता है और समापन तक आर्थिक बाधाएं नहीं आतीं। गाय के रूप में पृथ्वी की करुण पुकार और विष्णु से अवतार के लिए निवेदन के प्रसंग बहुत प्रसिद्ध हैं। ‘समरांगण सूत्रधार’ जैसा प्रसिद्ध वृहद् वास्तु ग्रंथ गो रूप में प... Read more
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शुक्रवार यानी आज है बैकुंठ चतुर्दशी। शास्त्रों के अनुसार इस दिन श्री‍हरि और महादेव की पूजा-अर्चना, व्रत-उपवास करने और नदी, सरोवरों आदि के तट पर 14 दीपक जलाने से न केवल आपके भाग्या खुल जाएंगे बल्कि मां लक्ष्मी की भी पूरी मेहरबानी बनी रहेगी।  बैकुंठ चतुर्दशी का महत्व एक बार श्रीहरि विष्णु देवाधिदेव महादेव का पूजन करने काशी पधारे और वहां मणिकर्णिका घाट पर स्नान कर उन्होंने 1,000 स्वर्... Read more
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ज्योतिष एवं वास्तु की दृष्टि से गृह कलह ग्रहों के दोषपूर्ण या अशुभ दशा होने या भवन में एक या अनेक वास्तु दोष होने से भी गृह कलह उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में कुछ खास उपायों को करने से न केवल घर में शांति रहेगी बल्कि खुशहाली भी घर में बसने लगेगी।  घर की धुरी पत्नी को माना गया है लेकिन यदि पत्नी से कलह रहने लगे तो वह घर कहां जाएगा? ज्योतिष में इसका प्रभावी उपाय बताया गया ह... Read more
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स्वप्न एक ऐसा ही माध्यम है, जो हमें आने वाले कल की सूचना या संकेत दे सकते हैं। सपने न सिर्फ शुभ-अशुभ घटनाओं के बारे में बताते हैं बल्कि मौत का संकेत भी देते हैं। आज हम आपको उन सपनों के बारे में बता रहे हैं जो मृत्यु होने का योग बताते हैं।  यदि कोई लाल साड़ी पहनी हुई स्त्री स्वप्न में आलिंगन करे व सूखे फूलों की माला पहनाए तो उसकी मृत्यु शीघ्र ही हो जाती है।  यदि कोई लंबे नाखून, पीली आंख... Read more
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एकादशी पुराणों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ तिथि मानी गई है। इस दिन अगर ये 5 काम किए जाएं तो उस जातक का अनिष्ट होना तय है। भूलकर भी एकादशी के दिन इन 5 कामों को करने से बचना चाहिए- एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए। पूरी रात जागकर भगवान विष्णु की भक्ति करनी चाहिए। भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के निकट बैठकर भजन करते हुए ही जागरण करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।  एका... Read more
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हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि जिन दंपतियों को संतान के रूप में कन्या नहीं होती,उन्हें जीवन में एक बार तुलसी का विवाह करके कन्यादान का पुण्य अवश्य उठाना चाहिये। आपको बता देंकि देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी विवाह का सबसे ज्यादा महत्व होता है। कहते हैं इस दिन जो व्यक्ति तुलसी के साथ शालिग्राम का विवाह करवाता है उनके दांपत्य जीवन में आपसी मेलजोल बना रहता है और मृत्यु के बाद भी परम ... Read more
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आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को देवशयनी और कार्तिक शुक्ल पक्ष की ग्यारस को देवउठनी एकादशी कहते हैं। देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक यानी चार महीने भगवान विष्णु शयनकाल की अवस्था में होते हैं। इस दौरान कोई शुभ कार्य शादी, गृह प्रवेश या अन्य कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। मंगलवार (31 अक्टूबर) को देवउठनी एकादशी है। यहां से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। यह एकादशी दिवाली के 11 दिन बा... Read more
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31 अक्टूबर मंगलवार, कार्तिक शुक्ल एकादशी , यानी देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक भीष्म पंचक रहेंगे। कार्तिक माह के इन अंतिम पांच दिनों का अत्यधिक महत्व है। कार्तिक शुक्ल एकादशी (31 अक्टूबर 2017) को देव उठेंगे, मंदिरों में तुलसी और शालिगरामजी के विवाह के आयोजन होंगे। इसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।  चार मास से सोए भगवान विष्णु ने कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन ही अपनी योग नि... Read more
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कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी के रूप में जाना जाता है। इसे आंवला नवमी तथा कुष्मांड नवमी भी कहा जाता है। इस बार से 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। आंवले के पेड को भगवान विष्णु का साक्षात स्वरुप माना जाता है। इसलिए इस दिन इस पेड़ की पूजा करने से सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से... Read more
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कई बार ग्रह आपके पक्ष में नहीं होते और हर काम बिगडने लगते हैं। ऐसे में देवों ने ज्योतिष और वास्तु उपायों के अलावा एक ऐसा प्रभावी उपाय बताया था, जो न केवल आसान है बल्कि प्रभावी भी है। पुराणों के अनुसार केवल गउ माता की पूजन करने और उसकी सेवा करने भर से सभी प्रकार के दोष और पीडाएं दूर हो जाती है। विष्णु पुराण में तो यह तक कहा गया है कि गाया की यदि भक्तिभाव से सेवा की जाए तो केवल और केवल 60 दिन... Read more
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नहाय खाय के साथ शुरू हुआ महापर्व छठ पूजा का आज दूसरा दिन है। आज खरना है। इस मौके पर महिलाएं दिन भर उपवास करती हैं और शाम में भगवान सूर्य को खीर-पूड़ी, पान-सुपारी और केले का भोग लगाने के बाद प्रसाद को बांटा जाता है। खरना का मतलब- खरना का मतलब होता है पूरे दिन का उपवास। व्रत रखने वाला व्यक्ति इस दिन पानी भी नहीं पी सकता। शाम होने पर गन्ने का जूस या गुड के चावल आदि प्रसाद खाया जाता है। खीर बन... Read more
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देखा जाए तो दंड नायक के नाम से मशहूर शनिदेव 26 जनवरी 2017 को ही धनु राशि में प्रवेश कर गए थे लेकिन वक्री होने से 20 जून को फिर से शनि वृश्चिक राशि में आ गए। पूर्ण रूप से शनि का धनु राशि में प्रवेश परसों यानी 26 अक्टूबर, गुरूवार को मध्याह्न 3 बजकर 20 मिनट पर शनि का धनु राशि में प्रवेश होगा और जनवरी 2020 तक शनि धनु राशि में ही रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों पर रहेंगे संकट के बादल और कुछ रहेंगी मौज में-  प... Read more
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नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>> सूर्य उपासना का महापर्व छठ का आगाज आज नहाय खास के साथ शुरू हो जाएगा। आपको बता दें कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी की तिथि तक भगवान सूर्यदेव की अटल आस्था का पर्व छठ पूजा मनाया जाता है। नहाय खाय के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो जाती है। चार दिन तक चलने वाले इस आस्था के महापर्व को मन्नतों का पर्व भी कहा जाता है। इसके महत्व का इसी... Read more
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कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को मनाया जाने वाला सूर्य षष्ठी यानी छठ का चार दिवसीय पर्व कई मायनों खास है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्र के ग्राम्य अंचलों में गहरी आस्था के साथ मनाया जाने वाला सूर्योपासना का यह लोकपर्व बीते कुछ सालों में समूचे देश ही नहीं वरन देश के बाहर भी लोकप्रिय हो चुका है। इस वर्ष इस पर्व का आयोजन 26 अक्टूबर को होगा।  ग्रह हैं इसके जिम्मे... Read more
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आपने कई सूर्य मंदिरों के बारे में सुना और देखा होगा, लेकिन बिहार के औरंगाबाद जिले के देव स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर अनोखा है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने एक रात में की थी। यह देश का एकमात्र ऐसा सूर्य मंदिर है, जिसका दरवाजा पश्चिम की ओर है।  इस मंदिर के निर्माण का स्पष्ट कोई प्रमाण तो नहीं मिलता है, मगर कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण डेढ़ लाख वर्ष प... Read more
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भारत में हिन्दू पंचांगों के अनुसार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। कभी-कभी तिथि के बढऩे पर एक दो दिन आगे हो जाता है।कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।  ऐसे करें गोवर्धन पूजा: इस दिन सुबह शरीर पर तेल की मालिश करके स्नान करना चाहिए। फिर घर के द्वार पर गो... Read more
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धनी या निर्धन होना सब भाग्य पर निर्भर करता लेकिन कुछ खास तरीकों को अपनाकर भी धनी योग बन सकते हैं। ऐसे योगों को बुलाता है सिद्धिदायक शाबर मंत्र। सिद्धिदायक शाबर मंत्रों की रचना गुरु गोरखनाथ आदि योगियों ने की थी। इन मन्त्रों में प्रत्येक देवता तथा हर प्रकार के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए मंत्र दिये गये हैं। इनमें लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र भी सम्मिलित हैं।  आधुनिक परिवेश में इन मंत... Read more
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भगवान श्रीगणेश रिद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ के प्रदाता हैं। वे भक्तों की बाधा, संकट, रोग-दोष तथा दरिद्रता को दूर करते हैं। शास्त्रों के अनुसार गणेशजी की विशेष पूजा का दिन बुधवार है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अगर आपकी कुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में है तो इस दिन पूजा करने से वह भी शांत हो जाता है।  इसके अलावा मिथुन व कन्या राशि (जन्मकुंडली क... Read more
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नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>> धनतेरस से हिंदू लोग दिवाली के बेहद लोकप्रिय त्योहार की शुरुआत करते है। धनतेरस को बहुत ही शुभ दिन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करना शुभ होता है और घर में शुभता लेकर आता है। इस दिन खरीदारी करने से मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर प्रसन्न होते हैं और धन-संपत्त‍ि प्राप्त‍ि का वरदान देते हैं। आज धनतेरस है। वैसे तो कहते हैं कि धनतेरस का दिन ... Read more
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धनतेरस को धन त्रयोदशी भी कहते है इस दिन भगवान् धन्वन्तरि का जन्म हुआ था। कहते है समुन्द्र मंथन के समय जब धन्वन्तरि का जन्म हुआ तब उनके हाथ में सोने का अमृत से भरा हुआ कलश था। क्योंकि वे कलश लेकर पैदा हुए थे इसीलिए इस दिन बर्तन खरीदने का रिवाज है। धनतेरस के दिन शाम को सूर्य अस्त के बाद दिया जलाएं और पास में कौड़ियां रखें, धनकुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा करें। आधी रात के बाद 13 कौड़ियां घर ... Read more
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मां लक्षमी को प्रसन्न करने के कई तरीके बताए गए हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है। ऐसे में कुछ काम ऐसे हैं, जो अगर शुक्रवार को किए जाएं तो धन की कमी नहीं रहती है। धार्मिक ग्रंथों और विद्वानों के अनुसार अगर शुक्रवार के दिन कुछ खास उपाय किए जाएं तो मां लक्ष्मी हमेशा प्रसन्न रहती हैं। तो आइए जानते हैं वे कौन से काम हैं, जो शुक्रवार को करने से मां लक्ष्मी प्र... Read more
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आज के समय में धन जीवन की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का माध्यम बना हुआ है। धन के अभाव में जीवन कष्टमय होने लगता है। कई बार अथक परिश्रम और प्रयासों के बावजूद अपेक्षित धन लाभ नहीं मिलता है जिससे मानसिक और शारीरिक कष्ट उठाने पड़ते हैं। यहां हम कुछ ऐसे सरल उपाय बता रहे हैं जिन्हें पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाने से जीवन में धन की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। इन उपायों को दी... Read more
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शास्त्रानुसार प्रत्येक पूर्णिमा पर प्रात: दस बजे पीपल वृक्ष पर मां लक्ष्मी का फेरा लगता है। इसलिए जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, वो इस समय पीपल के वृक्ष के पास जाये, उसका पूजन करें, जल चढ़ाये और लक्ष्मी जी की उपासना करे और कम-से-कम कोई भी एक लक्ष्मी मंत्र की एक माला करके आएं। किसी भी शुभ मुहूर्त या अक्षय तृतीया या पूर्णिमा या दीपावली या किसी अन्य मुहूर्त में सुबह जल्दी उठें। सभी ... Read more
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किसी भी तरह की पूजा पाठ के दौरान अक्सर दीपक जलाया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर कुछ खास तरह और खास तेल के दिए जलाए जाएं तो मां लक्ष्मी की उस घर और उस जातक पर हमेशा कृपा बनी रहती है। दियों के उपायो से कई महत्‍वपूर्ण कार्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं आइए जानें उनके बारे में- अगर दुर्भाग्य आपका पीछा नहीं छोड़ रहा है तो गेहूं के आटे और गुड़ के पुए को सरसों के तेल में सेंककर सात मदार या आक क... Read more
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आज से ठीक 9वें दिन दीवाली महापर्व मनाया जाएगा। धन जीवन की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का माध्यम बना हुआ है। धन के अभाव में जीवन कष्टमय होने लगता है। कई बार अथक परिश्रम और प्रयासों के बावजूद अपेक्षित धन लाभ नहीं मिलता है जिससे मानसिक और शारीरिक कष्ट उठाने पड़ते हैं। यहां हम कुछ ऐसे सरल उपाय बता रहे हैं जिन्हें पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाने से जीवन में धन की कमी को काफी हद तक दू... Read more
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स्कंद और मत्स्य पुराण के अनुसार कार्तिक स्नान से जीवन में सुख, संतान, आरोग्य और अन्य लाभों की प्राप्ति होती है। इस महीने कुछ काम बिल्कुल नहीं करने चाहिए। उन कामों को करने से सतता हाथ से छीन सकती है और जातक को नुकसान उठाना पडता है-  कार्तिक मास लगते ही पूर्णिमा से लेकर कार्तिक उतरते की पूर्णिमा तक प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व ही पवित्र नदियों गंगा, यमुना, गोदावरी आदि में स्नान करके तु... Read more
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देवों की पूजा-आराधना तो सब करते हैं लेकिन उनमें से कुछ को ही भगवान का आशीर्वाद मिलता है। कारण बहुत ही कम लोग जानते होंगे शायद। कारण यही है कि बाकी के लोग नियमों के अनुसार पूजा-पाठ नहीं करते। आइए जानें वे खास नियम जिनको अपनाने से ईश्वर का भरपूर स्नेह और दुलार मिलता रहता है।  कभी भी शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। मां दुर्गा को दूर्वा (एक प्रकार की घास) नहीं चढ़ानी ... Read more
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शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा की रात में की गई पूजा और आराधना से साल भर के लिए लक्ष्मी और कुबेर की कृपा प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा को आती हैं। मान्यता है कि सालभर में सिर्फ इसी दिन चांद 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा को कौमुदी व्रत, कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन श्रीकृष्ण ने महारास रच... Read more
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5 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है। शास्त्रों के अनुसार हर पूर्णिमा वाले को प्रात: स्नानोपरान्त पीपल के वृक्ष के नीचे जाकर लक्ष्मी मां का पूजन करें क्योंकि मान्यताओं के अनुसार इस दिन पीपल के पेड़ पर लक्ष्मी मां आती है|  मां की पूजा करने के बाद उन्हें आमंत्रित करें अपने घर में स्थान ग्रहण करने के लिए | आप पर हमेशा लक्ष्मी मां की मेहरबानी बनी रहेगी इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करें| ऐसा करने पर ... Read more
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मां लक्ष्मी के साथ अगर धन के देवता कुबेर प्रसन्न हो तो आपके वारे-न्यारे हो सकते हैं। आप करें वे पांच चीजें जिससे कुबेर होते हैं जल्दी प्रसन्न- घर के अन्दर कुबेर देवता की तस्वीर या मूर्ति को लाभदायक माना गया है। यदि आपके घर में धन नहीं आ रहा है या फिर धन रुक नहीं पा रहा है तो आप कुबेर देवता की मूर्ति लाएं और घर में उसको प्राण प्रतिष्ठा के द्वारा उत्तर दिशा में स्थापित करा लें, आपको लाभ म... Read more
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पूरे देश में शरद पूर्णिमा 5 अक्टूबर को मनाई जाएगी। माना जाता है कि इसी धवल चांदनी में मां लक्ष्मी पृथ्वी भ्रमण के लिए आती हैं। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन माता लक्ष्मी और महर्षि वाल्मीकि का जन्म हुआ था| भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय का जन्म भी इसी दिन हुआ था | शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि के बाद मां लक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर बैठकर धरती के मन... Read more
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नवरात्र माता रानी के महापर्व और त्योहार का दिन है। इन खास दिनों के खास नियम भी होते हैं। कहते हैं इन दिनों में अगर कुछ कामों को बिल्कुल नहीं किए जाएं तो देवी मां की खास मेहरबानी होने लगती है।  नवरात्रि के 9 दिनों तक कलश या माता की चौंकी हो तो घर खाली नहीं छोड़ना चाहिए। इसके अलावा इन दिन में सोने और संभोग करने से बचे।  9 दिनों के दौरान विवाह करना अशुभ माना जाता है। इसके पीछे वजह ये है कि... Read more
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पटना (लाइव बिहार न्यूज डेस्क) >>>>>>>> “ब्रह्मचारिणी” माँ दुर्गा का दूसरा रूप हैं। इनकी उपासना नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली अर्थात तप का आचरण करने वाली मां ब्रह्मचारिणी। यह देवी शांत और निमग्न होकर तप में लीन हैं। मुख पर कठोर तपस्या के कारण अद्भुत तेज और कांति का ऐसा अनूठा संगम है जो तीनों लोको को उजागर कर रहा है। दे... Read more
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कई वर्षों के बाद इस बार पूर्ण नवरात्र का संयोग बन रहा है। इसका मतलब है एक दिन में एक ही तिथि का होना। पिछले कई सालों से ऐसा होता आ रहा था कि दोपहर तक एक तिथि होती थी तो दोपहर बाद दूसरी तिथि शुरू हो जाती थी। इस नवरात्र पूरे नौ दिन तक किसी भी दिन दो तिथि नहीं होने से हर दिन अलग-अलग देवियों की पूजा की जा सकेगी। 21 सितंबर से शुरू होने वाला नवरात्र पर्व महासंयोग लेकर आ रहा है। मां जगदंबा पालकी म... Read more
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मंगलवार हनुमान जी का वार है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन कर्ज से मुक्ति पाने का सबसे आसान दिन है। अगर प्रत्येक मंगलवार को कुछ खास उपाय किए जाएं तो धन संपदा के साथ मन की शांति भी मिलने लगती है। मंगलवार के दिन सुबह लाल गाय को रोटी देना शुभ है। इसी दिन हनुमान मंदिर में नारियल रखना अच्छा माना जाता है। मंगलवार के दिन किसी देवी मंदिर में ध्वजा चढ़ाकर आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए... Read more
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भविष्य में होने वाली विभिन्न घटनाओं का संकेत देने के लिए ईश्वर ने बहुत से माध्यम बनाए हैं, घर में पाई जाने वाली छिपकली के व्यवहार से भी भविष्य की कुछ घटनाओं की जानकारी मिल सकती है। शकुन शास्त्र के अनुसार अगर नव निर्मित भवन में प्रवेश के समय भवन स्वामी को मृत अथवा मिट्टी में सनी हुई छिपकली दिखाई दे जाए तो उस भवन में रहने वालों को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ... Read more
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आगामी 21 सितम्बर से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। जो लोग अभी तक किसी कारण से कोई अनुष्ठान अथवा पुरश्चरण नहीं कर सके हैं उन्हें 21 तारीख से अवश्य शुरू कर देना चाहिए। यह जरुरी नहीं है कि नवरात्र में केवल मां दुर्गा की ही उपासना की जाती है बल्कि इस समय आप किसी भी इष्ट देवता के मंत्रो का अनुष्ठान कर सकते हैं।  नवरात्र के पहले दिन अपने गुरु देव से मंत्र दीक्षा लेकर, उसका अनुष्ठान करना चाह... Read more
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सोने के बाद सपने देखना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। स्वप्न दिन या रात्रि में कभी भी दिखायी दे सकते हैं। देखे गए स्वप्न अच्छे अथवा बुरे होते हैं, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र की भाषा में शुभ अथवा अशुभ कहा जाता है। दिन में देखे गए गए स्वप्न फल रहित होते हैं परन्तु रात्रि के प्रथम पहर में जो स्वप्न दिखायी देते हैं, उनका शुभ या अशुभ प्रभाव एक वर्ष की अवधि में मिलता है। प्रातः काल में स्वप्न देख... Read more
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समुद्र शास्त्र के अनुसार इंसान का शरीर बेहद संवेदनशील होता है और उसके पास ऐसी ताकत है जो होने वाली घटना को पहले ही भांप ले। हो सकता है आपको यकीन ना हो लेकिन समुद्र शास्त्र की सहायता से आप इंसान के फड़कते हुए अंगों को जानकर उसके साथ भविष्य में होने वाली घटना को जान सकते हैं। 1. समुद्र शास्त्र के अनुसार पुरुष के शरीर का अगर बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसे कोई दुखद घटना झेलनी पड़ सकती ह... Read more
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मांगलिक शब्द का अर्थ कुछ अलग है लेकिन अपने निजी स्वार्थ हेतु कुछ ज्योतिष इसे राइ का पहाड़ बन देते हैं। भोले-भाले लोग इस पर तुरंत भरोसा करके बड़े भयभीत होते हैं। मंगल शब्द सुनने में इतना मीठा और सुन्दर हैं, क्या वह किसी का बुरा या अमंगल कर सकता हैं? सामान्यतया मंगल शुभ कार्यों में,आशीर्वाद देने में प्रयुक्त होता हैं। ऐसे जातकों की जब शादी की बात आती है, तो मानों इन्होंने जन्म लेकर कोई बड़... Read more
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नागरबेल का पान केवल आपके शौक को ही पूरा नहीं करता बल्कि आपके रूके हुए कामों को भी पूरा कर सकता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पान को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। यहां तक कि पूजा-पाठ के दौरान भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। शास्त्रों में तो यह तक लिखा गया है कि पान के कुछ खास टोटके या उपाय किए जाएं तो जीवन में सुख–शांति और समृद्धि लाई जा सकती है।  अगर आपके घर में घर की आर्थिक तंगी च... Read more
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काले तिल, शहद और कुश को तर्पण व श्राद्धकर्म में सबसे जरूरी हैं। माना जाता है कि तिल और कुश दोनों ही भगवान विष्णु के शरीर से निकले हैं और पितरों को भी भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार तीनों देवता ब्रह्मा, विष्णु, महेश कुश में क्रमश: जड़, मध्य और अग्रभाग में रहते हैं। इनका उपायोग कर हम पितरों को भी प्रसन्न कर सकते हैं।  कुश का अग्रभाभ देवताओं का, मध्य मनुष्यों क... Read more
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कहा जाता है कि गया में यज्ञ, श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान करने से मनुष्य को स्वर्गलोक एवं ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है, गया के धर्म पृष्ठ, ब्रह्म सप्त, गया शीर्ष और अक्षय वट के समीप जो कुछ भी पितरों को अर्पण किया जाता है , वह अक्षय होता है। गया के प्रेत शिला में पिंड दान करने से पितरों का उद्धार होता है। पिंड दान करने के लिए काले तिल, जौ का आटा , खीर, चावल, दूध, सत्तू आदि का प्रयोग किये जाने का ... Read more
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भाद्रपद की पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक सोलह दिनों तक का समय सोलह श्राद्ध या श्राद्ध पक्ष कहलाता है। शास्त्रों में देवकार्यों से पूर्व पितृ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। श्राद्ध से केवल पितृ ही तृप्त नहीं होते अपितु समस्त देवों से लेकर वनस्पतियां तक तृप्त होती हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार श्राद्ध के सोलह दिनों में लोग अपने पितरों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्युतिथि प... Read more
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कहते हैं कि नमक के प्रयोग से नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट किया जा सकता है। कुछ खास उपायों से जीवन में सबकुछ अच्छा हो सकता है।  आइए जानें कुछ खास उपाय- वास्तुदोष को खत्म करने के लिए कांच की कटोरी में नमक डाल कर शौचालय और स्नान घर में रखें। नमक और कांच राहु की वस्तुएं होने के कारण उनके नकारात्मक प्रभाव को समाप्त करते हैं। पर्स में ना रखें ये 5 चीजें, वरना हो जाओगे कंगाल राहु को नेगेटिव एनर्ज... Read more
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ग्रहों को अनुकूल करने के लिए यूं तो कई उपाय हो सकते हैं लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि काले तिलों के जरिए भी आप बुरे दिनों को अच्छों में बदल सकते हैं। जानें ऐसे उपाय जिनसे कुंडली के ग्रह दोषों की शांति होती है। 1. रोज एक लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें काले तिल डाल दें। अब इस जल को शिवलिंग पर ऊँ नम: शिवाय मंत्र जप करते हुए चढ़ाएं। जल पतली धार से चढ़ाएं और मंत्र का जप करते रहें। जल चढ़ान... Read more
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शास्त्रों के अनुसार हनुमानजी शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवी-देवताओं में से एक हैं। श्रीरामचरित मानस के अनुसार माता सीता द्वारा पवनपुत्र हनुमानजी को अमरता का वरदान दिया गया है। इसी वरदान के प्रभाव से इन्हें भी अष्टचिरंजीवी में शामिल किया जाता है। कलयुग में हनुमानजी भक्तों की सभी मनोकामनाएं तुरंत ही पूर्ण करते हैं।  आइये जानते है कि पवनपुत्र हनुमानजी कैसे प्रसन्न किया जा सकता ह... Read more
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ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में लघु नारियल का खासा महत्व बताया गया है। कहते हैं कि इनके कुछ खास उपाय कर लिए जाएं तो ना कभी पैसों की कमी रही और ना ही किसी तरह का कोई संकट जीवन भर आता। इसके कुछ खास उपायों को करने से लक्ष्मी चिरकाल तक घर में निवास करती है। किसी शुभ मुहूर्त में 11 लघु नारियल पूजन कक्ष में स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र के चरणों में रखकर ऊं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्... Read more
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पीपल और शमी दो ऐसे वृक्ष हैं, जिन पर शनि का प्रभाव होता है। पीपल का वृक्ष बहुत बड़ा होता है, इसलिए इसे घर में लगाना संभव नहीं हो पाता। वास्तु शास्त्र के मुताबिक नियमित रूप से शमी की पूजा करने और उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष और उसके कुप्रभावों से बचा जा सकता है। शमी के वृक्ष को घर के मुख्य दरवाजे के बाईं तरफ लगाएं। मान्यता है कि शमी का पेड़ घर में लगाने से देवी-देवताओं की क... Read more
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भाद्रपद माह में शुक्ल एकादशी को पद्मा एकादशी या जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है। इस एकादशी का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। कहा जाता है कि स्वर्ग के देवी-देवता भी इस एकादशी पर व्रत रखते हैं। पद्मा एकादशी को परिवर्तनी एकादशी भी कहा जाता है। भगवान विष्णु चातुर्मास के चार माह वामन रूप में पाताल लोक में निवास करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु शेष शैय्या पर करवट बदलते हैं। इस ... Read more
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इलायची जिसे खाने से उलटी नहीं आती, अगर इसे चाय में डाल दिया जाए तो चाय का स्वाद अच्छा हो जाता है। ये बातें तो सभी जानते है, लेकिन आज बताने जा रहे हैं कि इलायची कैसे आपकी किस्मत चमका सकती है। अगर आपको धन की प्राप्ति नहीं हो रही है तो अपने पर्स में 5 इलायची रख लीजिए, ऐसा करने से आपकी धन से जुडी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। अगर आपको अपने जीवन साथी के रूप में सुन्दर बीवी चाहिए तो, पीले वस्त्र में 5 ... Read more
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श्रीमद्भगवद् गीता के सत्रहवें अध्याय में भोजन के तीन प्रकारों, सात्विक, राजसिक एवं तामसिक का उल्लेख मिलता है। सात्विक आहार शरीर के लिए लाभकारी होते हैं और आयु, गुण, बल, आरोग्य तथा सुख की वृद्धि करते हैं। इस प्रकार के आहार में गौ घृत, गौ दुग्ध, मक्खन, बादाम, काजू, किशमिश आदि मुख्य हैं। राजसिक भोजन कड़वे, खट्टे, नमकीन, गरम, तीखे व रूखे होते हैं। इनके सेवन से शरीर में दुःख, शोक, रोग आदि उत्पन... Read more
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भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन श्री राधा जी के श्री चरणों के दर्शन होते हैं। श्रीराधाष्टमी पर व्रत रखने वाले को प्रेम, समृद्धि और सुखी जीवन की प्राप्ति होती है। इस दिन से ही महालक्ष्मी व्रत आरंभ होता है जो 16 दिनों तक रहता है। श्रीराधा अष्टमी के दिन श्रीराधा जी की उपासना करने से घर धन संपदा से सदैव भरा रहता है। इस दिन श्रीराधा जी को 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें और इसे स... Read more
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हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधाष्टमी पर्व मनाया जाता है। अष्टमी के दिन श्रीकृष्ण की बाल सहचरी, जगजननी भगवती शक्ति राधाजी का जन्म हुआ था। श्री राधा कृष्ण जिनके इष्टदेव हैं, उन्हें राधाष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह व्रत श्रेष्ठ है। श्री राधाजी सर्वतीर्थमयी एवं ऐश्वर्यमयी हैं, इनके भक्तों के घर में सदा ही लक्ष्मी जी का वास रहता है। जो भक्त यह व्रत ... Read more
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कर्ज लेना किसी को भी अच्छा नहीं लगता लेकिन कई बार मजबूरी वश या अपनी आवश्यकताओं के कारण लोगों को कर्ज लेना ही पडता है। कई बार गलत समय पर कर्ज लेने के कारण या किसी भी अन्य कारण से कर्ज लेने के बाद उसे लौटाना व्यक्ति को भारी हो जाता है वह लाख चाहकर भी कर्ज समय पर नहीं चुका पाता है उस पर कर्ज लगातार बहुत अधिक बड़ता ही जाता है और कई बार तो उसकी पूरी जिंदगी कर्ज चुकाते-चुकाते समाप्त हो जाती है... Read more
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ज्योतिष के अनुसार कुंडली का सातवां भाव आपके जीवनसाथी का अच्छा या बुरा होना तय करता है लेकिन शिवपुराण के अनुसार यदि एक खास किस्म का फूल भोलेनाथ पर चढाया जाए तो केवल तीन महीनों में भी मनचाहा वर या वधू मिलना जाता या जाती है। यकीन मानिए यह परखा हुआ उपाय है-  बेला के फूल के बारे में कहा जाता है कि यह फूल भगवान शिव को चढाने से सुन्दर और सुशील जीवन साथी मिलता है। सुबह प्रातकाल स्नान आदि के प... Read more
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सर्व विघ्नों के हर्ता और ऋद्धि-सिद्धि बुद्धि के प्रदाता गणपति का चाहे कोई सत्कर्मानुष्ठान हो या किसी देवता की आराधना का प्रारम्भ या किसी भी उत्कृष्ट या साधारण लौकिक कार्य सभी में सर्वप्रथम इन्हींक का स्मरण, विधिवत् अर्चन एवं वन्दन किया जाता हैं। स्कन्दपुराण के अनुसार मां पार्वती ने अपने शरीर की उबटन की बत्तियों से एक शिशु बनाकर उसमें प्राणों का संचार कर गण के रुप में उन्हें द्व... Read more
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हरितालिका तीज का व्रत भाद्रपद शुक्ल की तृतीया को करने का विधान है। इस बार यह व्रत गुरुवार को है। यह व्रत द्वितीया व तृतीया तिथि के बीच न होकर अगर चतुर्थी के बीच हो तो अत्यंत शुभकारी माना जाता है, क्योंकि द्वितीया तिथि पितरों की तिथि तथा चतुर्थी तिथि पुत्र की तिथि मानी गई। इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।  महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला और निराहार र... Read more
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सृष्टि के प्रथम पूज्य देव गजानन का सबसे बडा त्योहार गणेश चतुर्थी पूरी दुनिया 25 अगस्त को मनाएगी। यूं तो यह तिथि सबसे श्रेष्ठ और पवित्र है लेकिन कहते हैं यदि इस रात्रि गलती से भी यदि चंद्र दर्शन्‍ हो जाए तो आप पर भारी पड सकती है। शास्त्रों के अनुसार यदि भूल से भी चौथ का चंद्रमा दिख जाय तो श्रीमद् भागवत् के 10वें स्कन्ध के 56-57वें अध्याय में दी गई स्यमंतक मणि की चोरी की कथा का आदरपूर्वक श्र... Read more
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ज्योतिष शास्त्र में मंगल को युद्ध के देवता का सेनापति माना गया है। मेष और वृश्चिक राशियों के स्वामी ग्रह मंगल मकर राशि में उच्च के तथा कर्क राशि में नीच के होते हैं। दुर्घटना, हथियार, रोग, साहस, पराक्रम, वीरता, भाई-बंधु, गृहस्थ सुख, शासक, शत्रु, आचरण, क्रोध, छल-कपट, चौर्य कर्म आदि के बारे में जानकारी के लिए मंगल ग्रह की स्थिति का ही सहारा लिया जाता है। जीवन में सभी चीजों के मंगल के लिए मंगल ... Read more
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आज सोमवती अमावस्या के साथ सूर्यग्रहण का दुर्लभ योग है। कहते हैं कि ऐसा योग सदियों में एक बार देखने को मिलता है। चूंकि आज सूर्य पर ग्रहण लगेगा यानी की सूर्य की शक्तियों पर थोडा विराम लगेगा। आप समझ सकते हैं कि जब ग्रहण से जब सूर्य ही कमजोर हो जाता है तो आमजन की तो क्‍या बिसात। यानी कि सूर्य ग्रहण से सभी राशियां प्रभावित होंगी। किस राशि पर क्या रहेगा असर आइए जानें-  मेष: इस राशि के जातक... Read more
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आज यानी 21 अगस्त को साल का दूसरा सूर्यग्रहण पडेगा। इससे पहले 26 फरवरी को पहला सूर्य ग्रहण दिखाई दिया था। भारतीय समय के मुताबिक यह ग्रहण रात में 9.15 मिनट से शुरु होगा और रात में 2.34 मिनट पर खत्म होगा। भारत में इस दौरान रात रहेगी तो यहां पर कहीं भी सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। ऐसे में कुछ खास उपायों को आजमाने से ग्रहण का सूतक कम लगता है और अनिष्ट होने की आशंका भी कम हो जाती है। किसी भी जातक के द... Read more
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कई बार समय आपके पक्ष का नहीं होता। कोई भी काम पूरा हो ही नहीं पाता, काम की शुरुआत अच्छीर भी तो काम पूरा नहीं हो पाए तो समझिए कि आपके ग्रह आपके अनुकूल काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मां लक्ष्मी और सरस्वती भी आपका साथ छोडने लगती हैं। तंत्र साधना कहती है कि ऐसे जातक को तंत्र और मंत्र की मदद लेनी चाहिए और अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए कुछ खास प्रयास भी करने चाहिए। ये प्रयास आपके प्रतिकूल ग्र... Read more
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नई दिल्ली (सोर्स) >>>>>>>  आज मंगलवार को श्रीकृष्ण की नगरी ब्रज समेत पूरे देश में जन्माष्टमी मनाई जा रही है। जन्माष्टमी को लेकर पूरे देश में उत्सव का माहौल है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी। आज मंदिरों में रात 12 बजे कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। मथुरा के सभी प्रमुख मंदिरों में रात 12 बजे तक भजन कीर्त... Read more
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इस साल जन्माष्टमी व्रत को लेकर जहां पेच फंसा हुआ है और लोग इस उलझन में हैं कि किस दिन व्रत और पूजन करें। आपको बता दें कि इस साल जान्माष्टमी का सबसे शुभ संयोग और मुहूर्त 14 अगस्त की रात 12 बजे का बन रहा है। इस समय एक ऐसा खास संयोग भी बना हुआ है जिसका लाभ शत्रु बाधा और जीवन के दुखों को दूर करने के लिए कोई भी कर सकता है। शास्त्रों के अनुसार 14 अगस्त को ही दशमहाविद्याओं में प्रमुख महाकाली का प्रक... Read more
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कान्हा की बांसुरी केवल गोपियों को ही नहीं खिंचती थी बल्कि मां लक्ष्मी और कुबेर को भी अपने पास बुलाने को मजबूर कर देती थी। जन्माष्टमी के दिन अगर कोई जातक कुछ खास बांसुरी की पूजा करें या फिर बासुंरी को अपने पास रखे तो बुरी आत्माएं दूर हो जाती हैं और जब इसे बजाया जाता है तो ऐसी मान्यता है कि घरों में शुभ चुम्बकीय प्रवाह का प्रवेश होता है। वैसे तो कई तरह की बांसुरियां होती है जो अलग अलग अ... Read more
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भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में धरती पर आठवां अवतार लिया था। भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे इसलिए इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी और जन्माष्टमी के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान कृष्ण को पसंद हैं चीजों को जन्माष्टमी के दिन घर पर लाया जाए तो इससे भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं। भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो जन्माष... Read more
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आगामी 15 अगस्त को देश की आजादी के उत्सव के साथ कान्हा के जन्मोत्सव को भी धूमधाम से मनाया जाएगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन यदि कुछ खास उपाय किए जाएं तो न केवल धन प्राप्ति के प्रबल योग बनने लगेंगे बल्कि सभी मनोकामनाएं भी पूरी होंगी। इस दिन अल सुबह दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। यह उपाय हर शुक्रवार को करें। इस उपाय को करने वाले जातक से मां लक्ष्मी श... Read more
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भगवान गणेशजी को 3 या 5 गांठ वाली दूर्वा (एक ही प्रकार की घास) अर्पण करने से पहले वह शीघ्र प्रसन्न होते है और भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते है। इसलिए उन्हें दूर्वा चढाने का शास्त्रों मे महत्व बताया गया है। इसके संबंध मे पुराण मे एक कथा का उल्लेख मिलता है- "एक समय पृथ्वी" पर अनलासुर नामक राक्षस ने भयंकर उत्पाद मचा रखा था। उसका अत्याचार पृथ्वी के साथ-साथ स्वर्ग और पाताल तक फैलाने ... Read more
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आगामी 15 अगस्त को श्रीकृष्ण आ रहे हैं। इस दिन पूरे देश में श्रीकृष्ण का जन्म् धूमधाम से मनाया जाएगा। कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण की अपने भक्तों पर विशेष अनुंकपा होती है। वे सखा के रूप में सुदामा का उद्धार करते हैं तो अर्जुन के सारथी बन उन्हें कर्तव्य पालन की प्रेरणा भी देते हैं। वे प्रेम में राधा हो जाते हैं तो मीरा के गिरधर गोपाल बन जहर के प्यालों को अमृत कर देते हैं। उनके बचपन की शु... Read more
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आगामी रक्षाबंधन यानी कि श्रावण शुक्ल पूर्णिमा सोमवार 7 व 8 अगस्त 2017 कि मध्य रात्रि को समस्त भारत में खंडग्रास चंद्रग्रहण दक्षिणी और पूर्वी एशिया के अधिकतर देशों यूरोप,अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया (पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, इराक, सऊदी अरब, इथोपिया, केन्या, तंजानिया, रूस, चीन, मंगोलिया, म्यांमार, मलेशिया, जापान, थाईलैंड, सिंगापुर, सोमालिया, फ़िलीपीन्स, हांगकांग) आदि में खंडग्रास चंद्रग्रह... Read more
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रक्षाबंधन का पर्व ऐसा पर्व है। जिसमे हिंदू मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग प्रेम पूर्वक मनाते है। हिंदू बहिने मुसलमान भाइयों की कलाई पर राखी बांधती है और मुस्लिम बहिने हिंदू भाइयों को राखी बांधकर उनसे रक्षा का वचन लेती है। प्रेम सौहार्द का ऐसा अनूठा त्यौहार अन्य समुदायो को एक संदेश देता है। इस देश में मनाये जाने प्रत्येक पर्व का कोई न कोई पौराणिक व ऐतिहासिक कहानी रही है। जिसकी वजह ... Read more
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हिंदू धर्म में एकादशी का एक विशेष महत्व होता है, आज सावण मास शुक्ल पक्ष की एकादशी है। आपको बता दें कि इस एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जानते हैं। यह एकादशी अपने नाम के अनुरूप ही मनुष्य को संतान सुख प्रदान करती है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को संतान की सुरक्षा के लिए भी रखा जाता है, साथ ही इस व्रत को ‘पापनाशिनी व्रत’ के नाम से भी जाना जाता है। माताएं अपने बच्चों की मंगल कामना के ल... Read more
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जल्दी शादी, परेशानी मुक्त विवाह और इस तरह की खुशी के अवसरों के लिए सभी बाधाओं को हटाने के लिए रास्ता साफ करने के लिए कुछ उपाय दिए गए हैं-  हर बुधवार को गाय को हरा चारा डाले। जब तक शादी न हो जाये तब तक हर सोमवार 1250 ग्राम पीली दाल और सवा लीटर कच्चे दूध का दान किया जाना चाहिए । ऐसा माना जाता है कि विवाह योग्य लड़के/लड़की के बिस्तर के नीचे स्क्रैप या लोहे का संचय नहीं होना चाहिए।  बृहस्पति ... Read more
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शिवपुराण के अनुसार ब्रह्म, माया, जीव, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी को ज्योतिर्लिंग या ज्योति पिंड कहा गया है। ऐतिहासिक प्रमाणों के अनुसार विक्रम संवत के कुछ सहस्राब्दी पूर्व संपूर्ण धरती पर उल्कापात का अधिक प्रकोप हुआ। जहां-जहां ये पिंड गिरे, वहां-वहां इन पवित्र पिंडों की सुरक्षा के लिए मंदिर बना दिए गए। इस तरह धरती पर हजारों शिव मंदिरों का निर्माण हो गया... Read more
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भाई-बहन के प्रेम के त्योहार राखी पर इस बार ग्रहण की छाया रहेगी। करीब 12 साल बाद ऐसा संयोग बना है कि राखी के दिन ग्रहण लग रहा है। दरअसल चंद्र ग्रहण के कारण इस साल 7 अगस्त को होने वाली राखी महज 18 मिनिट की होगी। इस 18 मिनिट में भगवान की पूजा कर राखी बांध लेनी है। इसलिए सूतक लगने से पहले भद्रा का असर रहेगा। इस राखी बांधने के भी कुछ खास मुहूर्त बताए गए हैं, जिनमें राखी बांधना श्रेष्ठ रहेगा। रात म... Read more
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यदि आपके घर में पैसों का लगातार नुकसान हो रहा हो, घर में पैसा नहीं रुक रहा हो या फिर दरिद्रता बढ रही हो, व्यावसाय में लगातार हानि हो रही हो तो हिम्म त ना हारें। धार्मिक ग्रंथों में ऐसे कई उपाय सुझाए गए हैं जिन्हें अपनाकर हम अच्छा जीवन जी सकते हैं- रात को सोते समय सर के पास एक लोटे में दूध भरकर रखें। सुबह ये दूध बबूल की जड़ में चढ़ा दें। इससे बुरी नज़र की वजह से हो रही धन हानि रूकती है, धन लाभ हो... Read more
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प्रति वर्ष सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचममी मनाई जाती है। वराह पुराण में इस उत्सव के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि आज के ही दिन सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने अपने प्रसाद से शेषनाग को विभूषित किया था। शिवजी सर्पों की माला पहनते हैं, विष्णु भगवान शेषनाग पर शयन करते हैं। नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन सांपों की पूजा करने से न... Read more
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पटना  (ओम प्रकाश भारती )>>>>>>>>   श्रावणी मेला के 16वें दिन भी देवघर और बासुकीनाथ मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है। बारिश में भी कांवरियों की कतार नहीं टूटी। देवघर की सोमवारी की भीड़ मंगलवार को बासुकीनाथ पहुंचने के कारण शाम तक संख्या और बढ़ेगी। तीसरी सोमवारी पर देवघर में करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।सभी ने क्ततार मे रह कर बाबा को जल चदाया || देवघर में बारिश के बीच सुबह चार बज... Read more
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महादेव संसार के ऐसे देव माने जाते हैं जिनको थोडी सी भक्ति से भी प्रसन्न किया जा सकता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि महादेव से जुडा हर आभूषण, हर चिन्ह‍ की अपनी एक कहानी है। कोई भी जातक उन चीजों का रहस्य जान जाए तो अपने जीवन को सुगम और सुखद बना सकता है।  त्रिशूल : देवी जगदंबा की परम शक्ति त्रिशूल में समाहित है, यह संसार का समस्त परम तेजस्वी अस्त्र है, जिसके माध्यम से युग युगांतर में सृष्टि... Read more
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श्रीरामचरितमानस के एक प्रसंग में भगवान शिव ने पार्वती बताया कि जब कोई इंसान इन 5 दुर्गुणों का त्याग करेगा तभी वो जिंदगी में तरक्की और सफलता प्राप्त कर पाएगा- पराई स्त्री पर ना रखें नजर  श्रीरामचरितमानस के अनुसार ये अवगुण जिस मनुष्य में होता है उसे बुरा इंसान ही समझना चाहिए तथा उसका पतन भी निश्चित रूप से होता है। धर्म ग्रंथों में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं, जहां पराई स्त्रियों पर ब... Read more
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शास्त्रों में लिखा है कि सावन के महीने में महादेव की पूरे मनोयोग से पूजा करने से कई जन्मा सुधर जाते हैं। लेकिन हम आपको बता रहे हैं ऐसा सुखद रहस्यं जिसका बहुत ही कम लोगों पता होगा। शिव पुराण के अनुसार सावन के महीने में अमावस्याख की रात यदि भोलेनाथ की चारों प्रहरों में पूजा की जाए तो न केवल लक्ष्मी हमेशा आपके निवास पर चिरकाल तक रहेगी बल्कि कुबेर का भी डेरा यही हो जाएगा।  सावन मास चात... Read more
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श्रावण और भाद्रपद मास पूरे वर्ष के हृदय हैं। शंकर श्रावणप्रिय के अनुसार पूरे 12 महीनों में महादेव को श्रावण मास सर्वाधिक प्रिय है। इसी कारण परंपरा में बरसाती सावन मास में आशुतोष भगवान शंकर का पूजन, आराधन और रुद्राभिषेक से विशेष अर्चन होता है। वेद-पुराणों के अनुसार महादेव सारे देवताओं के प्राण हैं। वे पार्वतीनाथ अपने भक्तों पर बहुत शीघ्र प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित फल देने वाल... Read more
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इस सावन के समय में कोई भी सच्चे मन और भक्ति के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ति होती है। आज हम जानेंगे राशि अनुसार किस प्रकार भगवान शिव की आराधना करना हमारे लिए सबसे ज्यादा फलदाई होगा। पुराणों के अनुसार सावन में भोले शंकर की पूजा, अभिषेक, शिव स्तुति, मंत्र जाप का खास महत्व है। खासकर सोमवारी के दिन महादेव की आराधना से शिव और शक्ति दोनों प्रसन्न होते हैं।इ... Read more
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भोलेभाले महादेव यूं तो केवल जल चढाने भर से हर भक्तृ की मनोकामना पूरी करते हैं लेकिन माना जाता है कि हकीक की माला का जप करने से शिव जल्‍दी प्रसन्न हो जाते हैं। हकीक की माला फेरने के साथ यदि हनुमान जी के किसी मंत्र का जप किया जाए, तो यह भी अति फायदेमंद होता है। चलिए यहां आपको हकीक रत्नों का महत्व एवं उनसे मिलने वाला लाभ समझाते हैं - काला हकीक- काला हकीक हमें शक्ति प्रदान करता है, मानसिक स... Read more



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अहमदाबाद (लाइव इंडिया न्यूज नेटवर्क) >>>>>>>>&... Read more
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सर्दियों में सुबह की गुनगुनी धूप भला किसे नहीं सु... Read more