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आज कलयुग के इस दौर में लोगों का एस्ट्रोलॉजी से विश्वस उठता चला जा रहा है, वे प्रैक्टिकल लाइफ की और बढ़ते चले जा रहे है जो एस्ट्रोलॉजी के लिए काफी बुरी बात है। आज के समय में ऐसा इसीलिए हो रहा है क्योंकि कई ढोंगी बाबा एस्ट्रोलॉजी का गलत फायदा उठा रहे है और पैसा कमा रहे है। लेकिन आज हम आपको अशुभ संकेत देने वाली उन चीज़ों के बारे मे बताने जा रहे है जी आपके लिए मृत्यु का कारण भी बन सकती है, जो एक डीएम सच्ची मानी गई है, जिसे आज भी बड़े बूढ़े मान्यता देते है।  कौआ को मैथुन करते हुए देखना बहुत ही अशुभ माना जाता है। ... Read more...
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दूध को चंद्रमा और शांति का प्रतीक माना गया है। प्राचीन तांत्रिक ग्रंथों में बताए गए दूध के ऐसे ही टोने-टोटकों के बारे में जिन्हें करते ही असर दिखता है और आपकी समस्या तुरंत दूर होने लगती हैं। नजर दूर करने तथा अमीर बनने के लिए रविवार की रात सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखकर सो जाएं। ध्यान रखें, यह दूध फैलना नहीं चाहिए। अगले दिन सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर इस दूध को किसी बबूल के पेड की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार रात करें। जिस आदमी पर इस उपाय को करेंगे, उसकी नजर दूर ह... Read more...
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इस वर्ष की शुरूआत में ही कई ग्रहों में बदलाव हुआ है और कई ग्रह वक्री भी हुए हैं। ऐसे में जिस राशि पर शनिदेव की कुदृष्टि रहेगी उन्हें खासतौर पर लाल किताब के सुझाए कुछ खास उपाय करने चाहिए-  लग्न स्थित शनि अशुभ फल देता है। ऐसे में जातक को बंदरों की सेवा करनी चाहिए। चीनी मिला हुआ दूध बरगद के पेड़ की जड़ में डालकर गीली मिट्टी से तिलक करना चाहिए। झूठ नहीं बोलना चाहिए। दूसरों की वस्तुओं पर बुरी दृष्टि नहीं डालनी चाहिए।  शनि द्वितीय भावस्थ अशुभ फल देता हो तो जातक को अपने माथे पर दूध या दही का तिलक लगाना चा... Read more...
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हनुमानजी को जिन आठ सिद्धियों का स्वामी तथा दाता बताया गया है, उन सिद्धियों के बारे में हर आदमी को जानना बेहद जरूरी है। इनके बारे में जानकारी होने भर से व्यक्ति समृद्ध होने लगता है- 1.अणिमा: इस सिद्धि के बल पर हनुमानजी कभी भी अति सूक्ष्म रूप धारण कर सकते हैं। इस सिद्धि का उपयोग हनुमानजी तब किया जब वे समुद्र पार कर लंका पहुंचे थे। हनुमानजी ने अणिमा सिद्धि का उपयोग करके अति सूक्ष्म रूप धारण किया और पूरी लंका का निरीक्षण किया था। अति सूक्ष्म होने के कारण हनुमानजी के विषय में लंका के लोगों को पता तक नही... Read more...
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गुड केवल मुंह ही मीठा नहीं करता बल्कि जीवन को भी मधुर बना सकता है। वास्तु और ज्योतिष की मानें तो गुड के कुछ खास टोटके न केवल जिंदगी को संवार सकते हैं बल्कि खुशियों से भी लबरेज कर सकते हैं-  मनोकामना पूर्ण करने के लिए 7 गुड़ की डलियों के साथ, एक रुपए का सिक्का और हल्दी की 7 साबुत गाठें पीले कपड़े में वीरवार को बांधकर रेलवे लाईन के पार फेंक दें। फेंकते समय अपनी कामना बोलें। ऐसा करने से मनोकामना पूर्ण होगी।  अगर आप कर्ज से शीघ्र मुक्ति चाहते हैं तो भोजन में गुड़ का प्रयोग करने लगे। थोड़ा थोड़ा गुड़ खाते ... Read more...
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भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे का बहुत महत्व है और इस पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में यह तुलसी का पौधा नहीं होता उस घ में भगवान भी रहना पंसद नहीं करते। माना जाता है कि घर में आंगन में तुलसी का पौधा लगा कलह और दरिद्रता दूर करता है। तुलसी एक ऐसा पौधा है। जिसके लाभ अनेकानेक हैं और इसे विज्ञान भी मान चुका है। तुलसी के कई प्रकार हैं जैसे रक्त तुलसी, राम तुलसी, भू तुलसी, वन तुलसी, ज्ञान तुलसी, मुख्यरूप से विद्यमान है।  तुलसी की इन सभी प्रजातियों के गुण अलग है। इन्हीं में ... Read more...
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जीवन में कभी भी इन 5 लोगों के घर भोजन नहीं करना चाहिए नहीं तो न केवल जातक पाप का भागी बनता है बल्कि कष्ट भी झेलता है-  जो स्त्री स्वेच्छा से पूरी तरह अधार्मिक आचरण करती हो और चरित्रहीन हो या व्याहभिचारिणी हो। गरुड़ पुराण में लिखा है कि जो व्यक्ति ऐसी स्त्री के यहां भोजन करता है, वह भी उसके पापों का फल प्राप्त करता है।  न्यायालय में जिसका अपराधी सिद्ध हो जाए तो उसके घर का भोजन नहीं करना चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार चोर के यहां का भोजन करने पर उसके पापों का असर हमारे जीवन प... Read more...
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रोजगार के प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में सफलता पाना उत्तरोत्तर कठिन होता जा रहा है। विद्या और पुरूषार्थ के होते हुए भी सफलता नहीं मिलती। ऐसे में यहां दिए गये कुछ सरल उपायों, टोटकों और मंत्रों से सफलता मिलने की संभावना बन सकती है। यदि बेरोजगारी का घटाटोप हो रहा हो तो रोजगार का प्रकाश पाने के लिए इन टोटकों को कर के देखें।    कमाल का लेकिन है सात्त्विक टोटका  तीन सौ ग्राम काले उड़द का आटा लेकर, बिना छाने इसको गूंथकर खमीर उठा लें। तत्पश्चात् इसकी एक-एक रोटी तैयार करके मामूली-सी आंच पर सेंक लें, ताकि ... Read more...
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धनागमन होने से पूर्व धनागमन का संकेत कई माध्यमों हमें मिलने लगता है। उन्हीं माध्यमों में से एक माध्यम है स्वप्न। स्वप्न फलों का अपना एक उत्तम इतिहास है। बडी-बडी होनी और अनहोनी होने से पहले बहुतों को संकेत मिला है। अत: हम यहां पर धन आगमन की पूर्व सूचना देने वाले स्वप्नों की चर्चा करने जा रहे हैं।  1.यदि आप स्वप्न में किसी देवी-देवता के दर्शन करते हैं तो समझिए कि आपको सफलता के साथ-साथ धन लाभ भी होने वाला है।  2.स्वप्न में नृत्य करती किसी स्त्री या कन्या को देखना भी धन प्राप्ति का संकेत माना गया है।&nb... Read more...
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हनुमान जी का नाम लेने मात्र से ही भक्तों की हर समस्या का निवारण हो जाता है। भगवान राम ने भक्तों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए हनुमान जी को इस पृथ्वी लोक में वास करने को कहा था और तभी से हनुमान जी इस कलियुग में सदा सहाय हुए हैं। हनुमान जी प्रसन्न हों तो शनि देव भी स्वतः प्रसन्न होते हैं। इसलिए शनि को मनाने के लिए हनुमान को भी पूजा जाता है।  हनुमान जी का पूजन बड़ी ही पवित्रता के साथ करना आवश्यक है। राम भक्त हनुमान जी की कृपा से आराधक के जीवन में आने वाले मृत्यु तुल्य कष्टों का भी सरलता से निवारण हो जात... Read more...
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भारतीय ज्योतिष पद्वति की तरह ही अब दुनिया में चीनी फेंगशुई पद्वति भी खासी लोकप्रिय होती जा रही है। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में धन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं, साथ ही अपनी लाइफ से गायब हुई उस खुशी को भी दोबारा पा सकते हैं।  कोई भी जातक ऑफिस में किसी भी तरह की समस्‍या से परेशान हो तो वह ऑफिस में अपनी सीट के पीछे पहाड़ों की तस्वीर टांगें। इससे उनका आत्मविश्वास तो वापस आएगा ही साथ अन्‍या लोगों का सपोर्ट भी मिलने लगेगा। फेंगशुई के अनुसार खुली खिड़की की तरफ बै... Read more...
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रंग मन की भावनाएं भी दर्शाते हैं तो क्या रंग हमारे भाग्य को तय करने में भी कोई भूमिका निभाते हैं? कुछ रंगों से हमारा अच्छा तालमेल होता है, जो हमें पॉजीटिव एनर्जी देते हैं। इसलिए कुछ खास रंग हमें ज्यादा आकर्षित करते हैं। लेकिन ज्योतिष पर यकीन करने वाले भी दिन के लिहाज से रंगों का चयन करने लगे हैं। दिनों के अनुसार रंगों का चयन कर पहना जाए तो किस्मत भी साथ देने लगती है। आइए जानें जरा कैसे?  रविवार को पहनें खिले-खिले रंग के कपडे इस दिन गुलाबी, सुनहरे और संतरी रंग का विशेष महत्व है। लेकिन खिले-खिले रंगो... Read more...
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मंत्र का अर्थ शास्त्रों में मन: तारयति इति मंत्र: के रूप में बताया गया है यानी मन को तारने वाली ध्वनि ही मंत्र है। वेदों में शब्दों के संयोजन से ऐसी ध्वनि उत्पन्न की गई है, जिससे मानव मात्र का मानसिक कल्याण हो। बीज मंत्र किसी भी मंत्र का वह लघु रूप है, जो मंत्र के साथ उपयोग करने पर उत्प्रेरक का कार्य करता है। यहां हम यह भी निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि बीज मंत्र मंत्रों के प्राण हैं या उनकी चाभी हैं।  मंत्रों की शक्ति का राज - मंत्रों की शक्ति तथा इनका महत्व ज्योतिष में वर्णित सभी रत्नों एवम उपायों से ... Read more...
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अमावस्या माह की 30 वीं और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है उस दिन आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता, रात्रि में सर्वत्र गहन अन्धकार छाया रहता है । इस दिन का ज्योतिष एवं तंत्र शास्त्र में अत्यधिक महत्व हैं। तंत्र शास्त्र के अनुसार अमावस्या के दिन किये गए उपाय बहुत ही प्रभावशाली होते है और इसका फल भी अति शीघ्र प्राप्त होता है। पितृ दोष हो या किसी भी ग्रह की अशुभता को दूर करना हो, अमावस्या के दिन सभी के लिए उपाय बताये गए है। आपकी आर्थिक, पारिवारिक और मानसिक सभी तरह की परेशानिय... Read more...
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इस वर्ष 18 नवम्बर को शनैश्चरी अमावस्या है। जिस अमावस्या को शनिवार पड़ता है, उसे शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस बार की शनैश्चरी अमावस्या इस मायने में ख़ास है कि इस तिथि को प्रातः 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक अमृत योग रहेगा। माना जाता है कि अमृत योग में शनि देव की विधि पूर्वक उपासना से सुख- समृद्धि, संपत्ति, शांति, संतान और आरोग्य सुख की प्राप्ति होती है, साथ ही बिगड़े हुए कार्य भी बनने लगते हैं। शनि की साढ़े साती से प्रभावित चल रहे जातकों के लिए इस दिन शनि देव की आराधना विशेष लाभकारी होगी।  ऐसे करें शनि देव क... Read more...
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शास्त्रों के अनुसार पीपल के वृक्ष को चमत्कारी माना गया है और इसमें कई देवी-देवताओं का वास है। इसी वजह से इस पेड़ के आसपास की गई पूजा या उपाय बहुत जल्दी असर दिखाते हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से पीपल के छोटे-छोटे सामान्य उपाय भी करेगा तो वह कुछ ही समय में अपनी किस्मत बदल सकता है। जो लोग पैसों की कमी से परेशान हैं उनके लिए यहां कुछ खास उपाय बताए जा रहे हैं...  शनिवार के दिन पीपल का एक पत्ता तोड़कर उसे गंगाजल से धोकर उसके ऊपर हल्दी तथा दही के घोल से अपने दाएं हाथ की अनामिका अंगुली से ह्रीं लिखें। इसक... Read more...
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जीवन में अचानक कुछ ऐसे संकेत मिलने लगते हैं कि हम समझ नहीं सकते है। यह कुदरत का नियम है कि जो भी शुभ या अशुभ होना है, उसकी पूर्व सूचना मनुष्य को ऐसे ही संकेतों से मिलती है। हमारे ऋषि मुनि चिन्तक और आत्म दर्शी थे और वह मानव जीवन की, प्रकृति परिवर्तन की, पशु-पक्षियों के व्यवहार, बोली अथवा बार बार होने वाली घटनाओं का अत्यंत सूक्ष्म दृष्टि से विश्लेषण किया करते थे। वृहत संहिता में एक सम्पूर्ण अध्याय इसी विषय पर लिखा गया है, मनुष्यों के मार्ग दर्शन के लिए जो शुभ व अशुभ संकेतों का वर्णन किया है उनमे से कुछ ... Read more...
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वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में नकारात्मक ऊर्जा कई तरह से आ सकती है। कहा जाता है कि हर मनुष्य की अपनी एनर्जी होती है, जो हमारे द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं को भी प्रभावित करती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसी कुछ चीजें होती हैं दूसरों की जो हमें उपयोग में नहीं लेनी चाहिए। इन चीजों के उपयोग से आपको दुर्भाग्य और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड सकता है।  जो जानकारी हम इस आलेख के जरिए दे रहे हैं, उसके लिए हम यह दावा नहीं करते हैं यह सत्य व सटीक हैं। इन पर अमल करने से पहले आप इस क्षेत्र के विशेषज्ञ ... Read more...
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प्रकृति कई बार धनप्राप्ति के संकेत देती है लेकिन हम उनको प्रहचान नहीं पाते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं।  1- अगर आपके शरीर के दाहिने भाग में या सीधे हाथ में लगातार खुजली हो, तो समझ लेना चाहिए कि आपको धन लाभ होने वाला है। 2- लेन-देन के समय यदि पैसा आपके हाथ से छूट जाए, तो समझना चाहिए कि धन लाभ होने वाला है। 3-यदि कोई सपने में देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसमें वह निर्दोष छूट गया है, तो उसे अतुल धन संपदा की प्राप्ति होती है।  4- जो व्यक्ति सपने में मोती, मूंगा, हार, मुकुट आदि देखता है, उसके घर म... Read more...
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बहुत कम लोगों को पता होगा कि सोने को धारण करने के ज्योतिषीय लाभ भी कम नहीं है। आइए जानें सोने के फायदे-  कई बरसों के बाद भी यदि संतान नहीं हो रही है तो उसे अनामिका ऊंगली में सोने की अंगूठी पहनने से लाभ होता है।  एकाग्रता बढ़ाने के लिए तर्जनी यानि इंडैक्स फिंगर में सोने की अंगूठी पहनने से आपको फायदा होगा। घर में सोना रखना है तो उसे ईशान या नैऋत्यज कोण में ही रखें और ध्याीन रहे इसे हमेशा लाल कपड़े में बांधकर ही रखें।  यदि किसी व्यक्तिस को सम्मा्न या राजकीय अधिकारियों से सहयोग प्राप्तस करना है तो... Read more...
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वास्तु के अनुसार अगर भवन, घर का निर्माण करना हो यदि वहां पर बछड़े वाली गाय को लाकर बांधा जाए तो वहां संभावित वास्तु दोषों का स्वत: निवारण हो जाता है। वह कार्य निर्विघ्न पूरा होता है और समापन तक आर्थिक बाधाएं नहीं आतीं। गाय के रूप में पृथ्वी की करुण पुकार और विष्णु से अवतार के लिए निवेदन के प्रसंग बहुत प्रसिद्ध हैं। ‘समरांगण सूत्रधार’ जैसा प्रसिद्ध वृहद् वास्तु ग्रंथ गो रूप में पृथ्वी-ब्रह्दि के समागम-संवाद से ही आरंभ होता है। वास्तुग्रंथ ‘मयमतम्’ में कहा गया है कि भवन निर्माण का शुभारंभ ... Read more...
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शुक्रवार यानी आज है बैकुंठ चतुर्दशी। शास्त्रों के अनुसार इस दिन श्री‍हरि और महादेव की पूजा-अर्चना, व्रत-उपवास करने और नदी, सरोवरों आदि के तट पर 14 दीपक जलाने से न केवल आपके भाग्या खुल जाएंगे बल्कि मां लक्ष्मी की भी पूरी मेहरबानी बनी रहेगी।  बैकुंठ चतुर्दशी का महत्व एक बार श्रीहरि विष्णु देवाधिदेव महादेव का पूजन करने काशी पधारे और वहां मणिकर्णिका घाट पर स्नान कर उन्होंने 1,000 स्वर्ण कमल पुष्पों से भगवान विश्वनाथ के पूजन का संकल्प किया लेकिन जब वे पूजन करने लगे तो महादेव ने उनकी भक्ति की परीक्षा ... Read more...
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ज्योतिष एवं वास्तु की दृष्टि से गृह कलह ग्रहों के दोषपूर्ण या अशुभ दशा होने या भवन में एक या अनेक वास्तु दोष होने से भी गृह कलह उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में कुछ खास उपायों को करने से न केवल घर में शांति रहेगी बल्कि खुशहाली भी घर में बसने लगेगी।  घर की धुरी पत्नी को माना गया है लेकिन यदि पत्नी से कलह रहने लगे तो वह घर कहां जाएगा? ज्योतिष में इसका प्रभावी उपाय बताया गया है। इसके अनुसार पति और पत्नी के बीच झगड़ा होता हो तो घर में विधि-विधान से स्फटिक के शिवलिंग स्थापित करके इकतालीस दिनो... Read more...
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स्वप्न एक ऐसा ही माध्यम है, जो हमें आने वाले कल की सूचना या संकेत दे सकते हैं। सपने न सिर्फ शुभ-अशुभ घटनाओं के बारे में बताते हैं बल्कि मौत का संकेत भी देते हैं। आज हम आपको उन सपनों के बारे में बता रहे हैं जो मृत्यु होने का योग बताते हैं।  यदि कोई लाल साड़ी पहनी हुई स्त्री स्वप्न में आलिंगन करे व सूखे फूलों की माला पहनाए तो उसकी मृत्यु शीघ्र ही हो जाती है।  यदि कोई लंबे नाखून, पीली आंख वाली निर्वस्त्र स्त्री स्वप्न में आलिंगन करे तो भी मृत्यु हो जाती है। जो व्यक्ति स्वप्न में स्वयं को शमशान अथवा प... Read more...
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एकादशी पुराणों के अनुसार सर्वश्रेष्ठ तिथि मानी गई है। इस दिन अगर ये 5 काम किए जाएं तो उस जातक का अनिष्ट होना तय है। भूलकर भी एकादशी के दिन इन 5 कामों को करने से बचना चाहिए- एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए। पूरी रात जागकर भगवान विष्णु की भक्ति करनी चाहिए। भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के निकट बैठकर भजन करते हुए ही जागरण करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।  एकादशी के दिन पान खाना भी वर्जित माना गया है। पान खाने से मन में रजोगुण की प्रवृत्ति बढ़ती है। इसलिए एकादशी के दिन पान न ... Read more...
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हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि जिन दंपतियों को संतान के रूप में कन्या नहीं होती,उन्हें जीवन में एक बार तुलसी का विवाह करके कन्यादान का पुण्य अवश्य उठाना चाहिये। आपको बता देंकि देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी विवाह का सबसे ज्यादा महत्व होता है। कहते हैं इस दिन जो व्यक्ति तुलसी के साथ शालिग्राम का विवाह करवाता है उनके दांपत्य जीवन में आपसी मेलजोल बना रहता है और मृत्यु के बाद भी परम लोक में स्थान मिलता है। तुलसी का पौधा वैसे भी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और पूजन में तुलसी का इस्तेमाल काफी श... Read more...
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आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को देवशयनी और कार्तिक शुक्ल पक्ष की ग्यारस को देवउठनी एकादशी कहते हैं। देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक यानी चार महीने भगवान विष्णु शयनकाल की अवस्था में होते हैं। इस दौरान कोई शुभ कार्य शादी, गृह प्रवेश या अन्य कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। मंगलवार (31 अक्टूबर) को देवउठनी एकादशी है। यहां से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। यह एकादशी दिवाली के 11 दिन बाद आती है। इस दिन विष्णुजी का विवाह तुलसी के पौधे से होता है। इसे देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी... Read more...
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31 अक्टूबर मंगलवार, कार्तिक शुक्ल एकादशी , यानी देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक भीष्म पंचक रहेंगे। कार्तिक माह के इन अंतिम पांच दिनों का अत्यधिक महत्व है। कार्तिक शुक्ल एकादशी (31 अक्टूबर 2017) को देव उठेंगे, मंदिरों में तुलसी और शालिगरामजी के विवाह के आयोजन होंगे। इसी के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।  चार मास से सोए भगवान विष्णु ने कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन ही अपनी योग निद्रा त्यागी थी, इसलिए देव प्रबोधनी एकादशी का खास महत्व है। आज के दिन पूजा-अर्चना कर, भोग लगा कर सोये हुए देवों को जगा... Read more...
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कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी के रूप में जाना जाता है। इसे आंवला नवमी तथा कुष्मांड नवमी भी कहा जाता है। इस बार से 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। आंवले के पेड को भगवान विष्णु का साक्षात स्वरुप माना जाता है। इसलिए इस दिन इस पेड़ की पूजा करने से सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से इसका पूरा लाभ मिलता है। इस दिन व्रत, पूजन, तर्पण और दान करने से मनुष्य के महापाप नष्ट हो जाते हैं। अक्षय नवमी पर प्र... Read more...
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कई बार ग्रह आपके पक्ष में नहीं होते और हर काम बिगडने लगते हैं। ऐसे में देवों ने ज्योतिष और वास्तु उपायों के अलावा एक ऐसा प्रभावी उपाय बताया था, जो न केवल आसान है बल्कि प्रभावी भी है। पुराणों के अनुसार केवल गउ माता की पूजन करने और उसकी सेवा करने भर से सभी प्रकार के दोष और पीडाएं दूर हो जाती है। विष्णु पुराण में तो यह तक कहा गया है कि गाया की यदि भक्तिभाव से सेवा की जाए तो केवल और केवल 60 दिनों में बुरे दिन भी अच्छे दिनों में बदलने लगते हैं।  जन्म कुंडली में सूर्य नीच का अर्थात तुला राशि में या अशुभ स्थि... Read more...
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नहाय खाय के साथ शुरू हुआ महापर्व छठ पूजा का आज दूसरा दिन है। आज खरना है। इस मौके पर महिलाएं दिन भर उपवास करती हैं और शाम में भगवान सूर्य को खीर-पूड़ी, पान-सुपारी और केले का भोग लगाने के बाद प्रसाद को बांटा जाता है। खरना का मतलब- खरना का मतलब होता है पूरे दिन का उपवास। व्रत रखने वाला व्यक्ति इस दिन पानी भी नहीं पी सकता। शाम होने पर गन्ने का जूस या गुड के चावल आदि प्रसाद खाया जाता है। खीर बनाने की भी खास विधि होती है। मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर खीर तैयार की जाती है। इसमें आम की लकड़ी का प्रयोग ज... Read more...
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देखा जाए तो दंड नायक के नाम से मशहूर शनिदेव 26 जनवरी 2017 को ही धनु राशि में प्रवेश कर गए थे लेकिन वक्री होने से 20 जून को फिर से शनि वृश्चिक राशि में आ गए। पूर्ण रूप से शनि का धनु राशि में प्रवेश परसों यानी 26 अक्टूबर, गुरूवार को मध्याह्न 3 बजकर 20 मिनट पर शनि का धनु राशि में प्रवेश होगा और जनवरी 2020 तक शनि धनु राशि में ही रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों पर रहेंगे संकट के बादल और कुछ रहेंगी मौज में-  पंडित हरिओम शास्त्री के अनुसार जहां तुला राशि से शनि की साढ़े साती और मेष तथा सिंह राशियों से शनि की ढैया समाप्त हो जा... Read more...
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नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>>> सूर्य उपासना का महापर्व छठ का आगाज आज नहाय खास के साथ शुरू हो जाएगा। आपको बता दें कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी की तिथि तक भगवान सूर्यदेव की अटल आस्था का पर्व छठ पूजा मनाया जाता है। नहाय खाय के साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो जाती है। चार दिन तक चलने वाले इस आस्था के महापर्व को मन्नतों का पर्व भी कहा जाता है। इसके महत्व का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें किसी गलती के लिए कोई जगह नहीं होती इसलिए शुद्धता और सफाई के साथ तन और मन से भ... Read more...
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कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को मनाया जाने वाला सूर्य षष्ठी यानी छठ का चार दिवसीय पर्व कई मायनों खास है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्र के ग्राम्य अंचलों में गहरी आस्था के साथ मनाया जाने वाला सूर्योपासना का यह लोकपर्व बीते कुछ सालों में समूचे देश ही नहीं वरन देश के बाहर भी लोकप्रिय हो चुका है। इस वर्ष इस पर्व का आयोजन 26 अक्टूबर को होगा।  ग्रह हैं इसके जिम्मेदार  जन्म कुंडली में स्थित चन्द्रमा, सूर्य, मंगल और बुध ग्रहों का संबंध आत्मविश्वास एवं आत्मबल से होता है। जिन जात... Read more...
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आपने कई सूर्य मंदिरों के बारे में सुना और देखा होगा, लेकिन बिहार के औरंगाबाद जिले के देव स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर अनोखा है। कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने एक रात में की थी। यह देश का एकमात्र ऐसा सूर्य मंदिर है, जिसका दरवाजा पश्चिम की ओर है।  इस मंदिर के निर्माण का स्पष्ट कोई प्रमाण तो नहीं मिलता है, मगर कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण डेढ़ लाख वर्ष पूर्व किया गया था। छठ पर्व के मौके पर यहां लाखों लोग भगवान भास्कर की अराधना के लिए जुटते हैं।  ऐतिहासिक त्रेतायुगी... Read more...
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भारत में हिन्दू पंचांगों के अनुसार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। कभी-कभी तिथि के बढऩे पर एक दो दिन आगे हो जाता है।कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।  ऐसे करें गोवर्धन पूजा: इस दिन सुबह शरीर पर तेल की मालिश करके स्नान करना चाहिए। फिर घर के द्वार पर गोबर से प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत बनाएं। इस पर्वत के बीच में पास में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति रख दें। अब गोवर्धन पर... Read more...









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पटना (श्वेता) >>>>>>> मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ... Read more
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नई दिल्ली (एजेंसी) >>>>>> सर्दियों में घर में गर... Read more